गुरुवार, 16 जुलाई 2015

दौरों में दौरा बनारस दौरा!!!

16 जुलाई 2015 आज ये तिसरा ऐसा मौका हुआ और पिछले 20 दिनों में दूसरा ऐसा मौका हुआ, जब मौसम ने प्रधानमंत्री मोदी जी को उनके संसदीय क्षेत्र के दौरे से नदारद कर दिया और कुछ बेहद महत्वपूर्ण समारोह होने से रह गए।वैसे तो दोनों ही मौकों पर दौरों के एक दिन पूर्व तक मौसम बेहद प्रतिकूल था।
महत्वपूर्ण समारोहों में से एक तो बी एच यू के ट्रॉमा सेंटर का उदघाटन था जो पिछले साल से ही देश के प्रधानमंत्री के इंतजार में तैयार खड़ा है। कुछ कारणों से ना तो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आ सके और ना अब तक मोदी जी। अन्य समारोहों में रिंग रोड का शिलान्यास है, जिसका कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा और भी कई घोषणाएँ होने से रह गए। पर सबसे महत्वपूर्ण थी मोदी जी की अपने संसदीय क्षेत्र में उपस्थिति और अपने वोटरों से रूबरू होना। वैसे तो पूरी तैयारी की गई थी, पिछली बार 28 जून को रद्द दौरे में जो कमियां थी उन्हें भी पूरी की गई मसलन रैली स्थल पर होने वाले जल जमाव को दुरुस्त करने के लिए पूरे पंडाल के फर्श की ईंटें की शोलिंग की गई। वाटरप्रूफ अल्यूम्यूनिम शिटों का टेंट तैयार किया गया। ये सब देख-सुन कर लगा कि शायद अच्छा ही हुआ कि मोदी जी का पिछला दौरा रद्द हो गया, कुछ नया देखने को मिला। वैसे तो ऐसे दौरों के रद्द होने से सरकारी खजाने पर चोट लगती है पर इससे आम जनता को कुछ लाभ तो हो ही जाता है। सड़कों पर महिनों पड़े रहे कुड़े को सफाई से लेकर सड़कों के मरम्मत सब धड़ल्ले से किए जाते हैं। कूड़े ढोने वाली गाड़ियों जो आम दिनों में नगर निगम के कार्यालयों की शोभा बढ़ाति हैं, मोदी जी के आगमन पर सड़कों पर दौड़ने लगती हैं, सड़के भी इन गाड़ियों का कुछ चंद दिनों के मेहमान की तरह ही स्वागत करती है।मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान से सफाई हो या ना हो, उनके दौरे के कार्यक्रम बनते ही सफाई अभियान जोरो से शुरू हो जाता है। कर्मठ प्रशासनिक महकमें की चहल पहल और तत्परता से बनारस भी हाई-फाई लगने लगता है और कोई आम बनारसी जो मोदी जी के आगमन की खबर से नदारद है ये सब देख कर अंदाजा लगा ही लेता है और पूछ लेता है "मोदी जी आवत् हऊअन का?"।
वैसे बनारसी खुले मिज़ाज़ के हैं, और मोदी जी को उसी खुले मिज़ाज़ से अपनाया है, और अब बारिश की वजह से रद्द होते दौरों पर अगर कोई बनारसी ये कह दे की "पता नाहीं गंगा माई मोदी जी के बुलइयनी की नाहीं पर इन्द्र देव जरूर मोदी जी के बनारस नाहीं आवल देवल चाहत हऊन" तो मोदी जी को भी उसे खुले मिज़ाज़ से लेना चाहिए।
दौरा रद्द होने से पहले अजय राय जी का एक ट्वीट आया कि कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई जो शायद प्रधानमंत्री के इस दौरे का विरोध कर रहें थे। खबर की कोई पुष्टि नहीं, पर ऐसा हुआ भी तो क्या? ऐसे विरोध से किसका क्या फायदा होता है? इससे बेहतर तो ये होता कि अजय राय जी अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर सफाई करने ही उतर जाते और मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान की कलई उन्हीं के संसदीय क्षेत्र से खोलते।
वैसे मोदी जी का दौरा हो या रद्द हो जाए हम बनारसियों को फायदा तो होता ही है। मैं मोदी जी से मांग करता हूँ कि ऐसे रद्द दौरों का दौर जारी रहना चाहिए। बनारस ही क्यों देश के हर शहर को ऐसा सौभाग्य मिलना चाहिए।एक दिन या एक समय में कई दौरे प्रस्तावित हों और आखिरी समय में किसी एक जगह को तय किया जाए जिसका निर्णय मोदी जी खुद अपने विवेक से ले।

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